Monday, 1 February 2016

चूत की चुदाई की अनोखी कहानी: माँ बेटा और नौकरानी-2

पिछले भाग में आपने पढ़ा के शिल्पा के पति के चले जाने के बाद अपने 2 साल के पुत्र के साथ वो अकेली रह गई थी और एक बंगले में रह रही नौकरानी को एक ख़ास प्रकार के जड़ी बूटी से बना हुआ तेल से अपने बेटे को मालिश के जरिये सेक्स के लिए शारीरिक और हर प्रकार से ताकतवर बनाने के लिए एक नौकरानी को रखा है लगभग 8 साल बीत जाने के बाद अब उसके पुत्र रोहन का लंड किसी भी जवान मर्द से बड़ा मोटा और ताकतवर हो जाता है!

एक दिन शिल्पा के साथ आंगन के तालाब में चुदाई के मजे ले रही है शिल्पा की चूत को छोड़ने और झाडाने के बाद सारा पानी विमला पी जाती है और शिल्पा तालाब के पास से अपने अंगा में आकर लेट जाती है!

कहानी अब आगे...

विमला की चूत का रस

शिल्पा अपने गांड को हिला कर सीढियों से बाहर आकर आंगन में चादर पर नंघी ही लेट जाती है! शिल्पा की चूत का पानी गटागट पी जाने के बाद विमला तालाब से निकलकर शिल्पा के पास आकर बैठ जाती है और कहती है -

विमला-  मालकिन लाइए मै आपकी गांड में तेल लगा कर मालिश किये देती हूँ!
शिल्पा- विमला मालिश से पहले मुझे अपना रस चखा बड़ी प्यास लगी है!
विमला-जी जरूर अभी लीजिये!

विमला अपनी चूत को शिल्पा के सामने परोस देती है जिस में से अभी तक रस की एक धर बह रही थी और रस पूरी चूत को भिगो चूका है जिस पर धुप पड़ने की वजह से रस की धर चमक रही है!

शिल्पा- विमला लगता है तू भी बहुत गरम हो गई है मेंरी चूत का रस पीकर!
विमला- हां मालकिन आखिर आपके जैसी चूत तो पूरे गाँव में किसी लड़की की भी नहीं होगी!

शिल्पा इतना कह कहकर विमला को कुटिया की तरह कड़ी होने का इशारा करती है और उसकी गांड के पीछे बैठ जाती है जिससे के उसकी चूत और गांड उसके होठो तक आ जाए!

विमला के चूत किसी आग की भट्टे की तरह गरम गरम अनच चोट रही थी और उसमे से गरम गरम चूत का रस रिस रहा था उसे देखते ही शील पाने अपने होठो पैर जीभ फेरते हुए विमला की चौड़ी गांड पर अपने हाथो से जोरदार थपकी मारी और उसके गांड की फंको को अपने दोनों हाथो से धिरते धीरे चीरते हुए फैलाया इससे विमला की गोरी गांड के बीच में भूरे रंग का छेद निकल कर बहार की तरफ झाँकने लगा जिसे देखकर एक बार तो शिपला की आंखे मोहित सी हो गई उसके बाद शिल्पा ने अपने होठो को खोलकर अपनी जीभ को लहराते हुए विम्लाका की गांड के छेद को के हलके से छुते हुए उसे धीरे धीरे चाटने लगी ! शिल्पा के ऐसा करते ही विमला के मुह से जोर की आह निकल पड़ी.

विमला- आह हह .. मालकिन न् नन् ..न .. मेरी गांड के छेद को जीभ से छुकर तो आपने मुझे जन्नत में पंहुचा दिया इ ईईई मै मर गई ई ... ईइ मेरा छेद और चाटो मालकिन जोर से चाटो फाड़ डालो मेरा छेद! मै आपकी ज़िन्दगी भर पालतू कुतिया बनकर रहूंगी मालकिन मेरी रर ..री  मेरी गांड की मालकिन!

इधर शिल्पा अपनी जीभ को नीचे की तरफ बढ़ाते हुए जीभ को चूत के छेद के पास ले जाती है, विमला अपनी गांड का पिछवाडा और ऊँचा उठती है और मुह से जोर जोर इ सी सी की आवाजे निकलते हुए मस्त हो जाती है!

शिल्प जोश में आकर अपनी जीब को तेजी से चूत के ऊपर तेजी से फेरना शुतु कर देती है और अपने हाथो से चूत के होठो को फैलाकर जोर से अपने मुह को पूरी तरह से उसकी लम्बी चिकनी चूत को रसमलाई की तरह चूसने और चाटने में लग जाती है!

शिल्पा- हरामजादी तेरी चूत तो बहुत मजेदार है बहुत रस छोड़ रही है! इसी तरह रस छोड़ेगी तो ये सारा तलाब भी भर जायेगा घंटे भर में!
विमला- मालकिन चोद डालो अपनी इस गड्लगी नौकरानी को मेरा रस चाट चाट कर सुजा दो मेरी गोरी मूतनी को!
लगभग 25 मिनट तक चाटने के बाद विमला की चूत में हलचल तेज हो गई और गांड को हिलाने लगी उसकी चूत में उबाल आने लगा और एकदम से एक गरम मोटी रस की धार फौवारे की तरह निकल कर शिल्पा के मुह को भिगोते होए निकला! जिसकी अधिकतर धार शिल्पा के मुह में और चेहरे के ऊपर पड़ रही थी, शिल्पा जोर जोर से विमला की गांड को चाटने और थपथपाने लगी! 5 मिनट तक झड़ने के बाद कुतिया बनी हुई विमला सीधे लेटकर जोर जोर से सांसे लेते हुए अपनी मालकिन संग हसने लगी!

शिल्पा- विमला आज बहूत मजा आया तूने मेरी चूत का खुस कर दिया!
विमला- मालकिन मुझे भी बहूत मजा आया!
शिल्पा- देख चुदाई के वक़्त मुझे अपनी मालकिन नहीं सहेली समझा कर और जो मन चाहे गालिया दिया कर जितनी गन्दी गली दे सकती है दिया कर! तभी मुझे मजा आयेगा और तुझे भी समझी! किसी भी तरह का शर्म मत कर मुझसे एकदम खुल कर सब कर चुदन चुदाई के आगे सब बेकार है समझी मेरी चुदक्कड सहेली!
विमला- जी मालकिन आगे से मै ऐसा ही करुँगी!
शिल्पा- अच्छा अब रोहन को भी चुदाई के लिए तैयार करना शुरू कर दे उसे चुदाई के बारे में बताया कर और उसकी मालिश के बाद मेरी मालिश भी उसके सामने ही किया कर जिससे उसे जल्दी से हमारे खेल की सीख मिल जाए! मालिश के वक़्त उसके लिंग को हिला हिला कर गरम कर दिया कर समझी!
विमला- ठीक है मालकिन मै तो बस आपके आदेश का ही इंतज़ार कर रही थी!

अगले दिन शिल्पा नहा धो कर सुबह आइने के सामने बैठ कर mackup कर रही थी के तभी उसका बेटा रोहन उसके पास आया और बोला!

रोहन- माँ तुम क्या करती हो रोज यहाँ बैठ कर?
शिल्पा- बेटा मै बाल बना कर रही हूँ!
रोहन- माँ मेरे बाल बड़े कब होने आपकी तरह?
शिल्पा- बेटा जब तू और बड़ा हो जायेगा तब तेरे सारे बाल बड़े हो जायेंगे! तेरे सर के बाल भी और तेरे लंड के बाल भी!
रोहन- माँ लंड पे तो पाल है ही नहीं?
शिल्पा- बेटे जब तू बड़ा होगा न तब उस पर भी बाल उग जायेंगे!
रोहन- माँ सच में? आपके लंड पर भी बाल उगे है क्या?

रोहन की बात सुनकर शिल्पा को जार से हँसी आ जाती है? और उसकी हसी रूकती ही नहीं वो हस्ती चली जाती है! रोहन हैरानी से हस्ते हुए उसे देखता रहता है!

रोहन- माँ हस्ती क्यों हो, बताओ न आपके लंड पर भी बाल है?
शिल्पा- (अपनी हसी को कण्ट्रोल करते हुए) बे बेटा.. बेटा ...म मेरे पास लंड नहीं है?
रोहन- लंड नहीं है तो आप सुसु कैसे करती हो माँ ? बताओ माँ कैसे करती हो!
शिल्पा- (शिल्पा अपने बेटे के गालो को पकड़ते हुए उसे प्यार से सहलाती है और फिर उसे अपनी गोद में बैठा लेती है) हम्म... मेरा प्यारा बेटा!! बेटे मेरे पास लंड की जगह पर चूत है! और में चूत से सुसु करती हूँ!
रोहन- चूत से वो कैसी होती है? क्या मेरे लंड जैसी दिखती है?
शिल्पा- नहीं बेटे वो दिखने में अलग तरह की होती है!
रोहन- कैसी दिखती है माँ दिखाओ न, मुझे दिखाओ चूत कैसी दिखती है?
शिल्पा- तू देखेगा अपनी माँ की चूत! ठीक है तू रुक मै दिखाती हू!

शिल्पा अपने 8 साल के बेटे के सामने अपनी साडी खोल देती है और उसके बाद अपना पेटीकोट और ब्लौस उतार कर बिस्तर पर रखते हुए अपने बेटे से कहती है! 'बेटे अब मेरी ब्रा और पेंटी तुम उतारो अपने हाथो से अगर मेरी चूत और मेरे बाल देखना चाहते हो तो! चलो इधर आओ मेरे पास!'

रोहन अपनी माँ के पास आकर खड़ा हो जाता है! अपनी माँ की पैंटी को हाथ से पकड़ता है शिल्पा उसका हाथ पकड़ लेती है! और कहती है!

शिल्पा- क्यों बेटा जी अपनी माँ की चूत देखने के लिए इतने उतावले हो? पहले अपनी माँ को ये तो बताओ चूत दिखाने के बदले मुझे क्या मिलेगा?
रोहन- माँ, मेरे पास तो कुछ नहीं है देने के लिए आप क्या लोगी?
शिल्पा- बेटे है तो बहूत बड़ी चीज तुम्हारे पास, फिलहाल पहले अपनी माँ को अपना लंड दिखाओ तो में तुम्हे अपनी चूत देखाऊँगी! बोलो मंजूर?
रोहन- मजूर ( इतना कहकर रोहन झट से अपनी निक्कर खीच कर पैरो पर गिरा देता है!), ये देखो माँ मैंने निक्कर खोल दी है, अब आप मेरा लंड देख सकती हो!)! जैसे के हम पहले ही बता चुके है पाठको के रोहन के शरीर और लंड की विमला के द्वारा बचपन से एक अद्भुत तेल से मालिश की जाती रही है! इसलिए रोहन का लंड बिना उत्तेजित हुए भी 5.5 इंच लम्बा और 2.5 इंच मोटा है जो उत्तेजित अवस्था में 9.5 inch लम्बा और करीब 4 इंच मोटा हो जाता है जो बेहद कड़क मजबूत भी है!

नीचे रोहन के पास बैठकर शिल्पा उसके लंड को पकड़ कर कहती है -  

शिल्पा- धत्त तू तो बड़ा बदमाश है! इतनी जल्दी हम्म्म मम.. शैतान कही का!
रोहन- क्या हुआ माँ, अब आप खीचो अपनी चड्डी !
शिल्पा- ये खीचने विचने का काम भी तुम मुझ से करवाओगे? तुम्हे देखना है तो तुम खुद ही उतारो मेरी चड्डी!
रोहन- अपना हाथ बढाकर अपनी माँ की पैंटी पर रखता है और उसे अपनी ताकत लगा कर धीरे धीरे घुटनों के पास तक उतार देता है और फिर शिल्पा रोहन की मदद करते हुए खुद पैंटी को पूरा उतार देती है!

शिल्पा अब अपने बेटे के सामने सिर्फ एक ब्रा में बिना पैंटी के एकदम नन्घी खडी है, और रोहन एक टक बिना पलके गिराए अपनी माँ की चूत की तरफ देखे जा रहा है!

रोहन- माँ तुम्हारा लंड तो है ही नहीं और तुम तो बोली थी के यहाँ पर चूत है वो भी नहीं है बस एक चीरा लगा हुआ है! और तुम्हारे बाल भी है यहाँ और ये तो बाल डिजाईन में है!

शिल्पा- अरे मेरे प्यारे बेटे इसे ही चूत कहते है! देख मैंने कहा था न यहाँ पर बड़े होने पर बाल आ जाते है! तेरे लंड पर भी बड़े होने पर बाल आ जायेंगे समझे! जब तू और बड़ा हो जायेगा!
रोहन- माँ तो क्या मेरे भी आप के जैसे चूत और बाल आ जाएगी?
शिल्पा- जोर से मुस्कुराते हुए ! अरे नहीं बेटा तेरे चूत नहीं आयेगी सिर्फ बाल आएंगे और तेरा लंड भी तेरी तरह और बड़ा हो जायेगा!
रोहन- सच में माँ ये लंड कितना बड़ा हो जायेगा और माँ एक बात मै कब से सोच रहा हो के तुम सुसु कहा से करती हो आपके यहाँ पर लंड हो है ही नहीं!
शिल्पा- बेटे ये अभी कितना बड़ा होगा ये टी मुझे नहीं पता लेकिन अभी और बड़ा होगा! और मै सुसु चूत से करती हु देख ये यहाँ से, ये छेद देख रहा है न ( शिल्पा रोहन को अपनी चूत का छेद चूत को फैला कर दिखाती है)
रोहन- अरे हां माँ यहाँ पर मेरे लंड के जैसा छेद है! तू तुम यहाँ से सुसु करती है, माँ मेरे चूत क्यों नहीं है लंड क्यों है?
शिल्पा- बेरे क्योकि तुम एक लड़के हो और में एक लड़की हो! लडकियों के चूत होती है और लडको के लंड होता है समझे!
रोहन- और माँ मेरे लंड के नीच पेल्हर भी है आपके चूत के नीचे तो पेल्हर नहीं है!
शिल्पा- बेटे लडकियों के पेल्हर नहीं होता है ये केवल लडको के पास होता है जैसे तुम्हारे है समझे! बस अब कोई सवाल नहीं चलो पहले नास्ता कर देर हो रही है! विमला आती होगी न सफाई करने, तुम जल्दी से नास्ता करके पढाई करो फिर हम और बाते करेंगे चलो जाओ!
रोहन- ठीक है माँ मै चड्डी पहन लेता हु, माँ तुम भी चड्डी पहन लो.. मै पहनाऊ क्या?
शिल्पा- चल बदमाश!

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