Friday, 29 January 2016

चुदक्कड सुनीता और उसके चोदु माँ बाप की जबरदस्त पारिवारिक चुदाई- 2

Dosto, pichle post me aapne padha ke Sunita 19 saal ki padhi likhi behad sundar aur bahut sexy badan wali ekdam gori lagki hai, uske pariwar me uske alawa pita aur maa hai, teeno lagbhad roj ek dusre ke saath khub chudai ka maja lete aa rahe hai jab sunita 12 saal ki thi. Sunita apne pita ke land ki pooja karke apni maa ke saath uske land ka peshaab peeti hai aaiye padhte hai ke kahani me aage kya hota hai...

Sunita- O pita ji mera bas chale to apke land ko apne muh, gand aur chut me 24 ghante daale rakhu.
Maa- beti mere pati pe to sabse pahle mera haq hai agar tu hi apni gaand me land liye rahegi to mai kya karungi.
Pitaji- aree meri jaan seema tum kyu naraaj hoti ho aakhir meri beti ki maa to tum hi ho, aur es naate mere land pe uska bhi tumhare barabar hi to haq hua na.
Seema- haa kyu nahi meri bati hi meri sautan ban gai jab dekho uski gand me jeebh dale rahte ho, meri gaand pe kabhi pyaar se kutiya kahkar hatho se din me ekaadh baar chapat hi laga diya karo, meri gand tumhare hatho aur land ki maar khane ke liye hamesha phaili rahti hai.
Sunita- are maa tum phikar mat karo tumhari gand per do char haath mai hi raseed kar ke laal kar diya karungi aur uske baad tumhari chut me roj apni jeebh se maalish bhi kar dungi thik hai na.
Seema- sach me beti meri to chut itna sun kar hi pani chodne lagi hai.

Ab yaha se Hindi bhasha me padhe

सुनीता- अच्छा माँ चलो अब नास्ता करते है मुझे अपनी सहेली के साथ बाहर भी जाना है आज
सीमा- चल बेटी आजा मै नास्ता लगाती हूँ, आप भी चलिए नास्ता कर लीजिये!

सीमा टेबल पर नास्ता लगा देती है, और तीनो टेबल पर नाश्ते के लिए बैठ जाते है, (सीमा के पति का नाम अखिल है.)

अखिल- बेटी जरा रोटियों पर अपनी चूत का पानी तो लगा!
सुनीता- अरे पिताजी चूत तो कब से तैयार है इधर दीजिये अभी लगा देती हूँ!
(सुनीता एक रोटी प्लेट से लेकर अपनी गोरी चूत के होठो को फैला कर बह रहे रस पे लगा देती है)
सीमा- क्यों जी रस कम पड़ जाए तो अपने लंड का घी भी लगा लेना!
सीमा के इतना कहते ही तीनो हसने लगते है और तीनो नंघे ही अपना नास्ता जल्दी से ख़तम करते है! फिर सुनीता अपनी गोरी गोरी कोमल गांड को अपने माँ और पिताजी के सामने घुमा कर थोरा सा आगे झुक जाती है और जोर से हाथो से अपनी गांड पर थपकी मारती है और गांड के दोनों भागो पर हाथ रखकर अहिस्ता से चीरकर अपना छेद दिखा कर झट से हाथ हटा लेती है! उसके ऐसा करते ही सुनीता की गांड के दोनों गोल गोल कसे हुए नरम मुलायम कुल्हे पानी की लहरों की तरह कुलांचे मरने लगते है!  बेटी की इस शरारत से उसके बाप अखिल के लंड में एकदम से सिरहन दौड़ जाती है और उसकी माँ के मुह से निकल परता है "हाय रे मेरी बेटी की क्या मस्त गांड है" जबकि अखिल अपने लंड  को मसलने लगता है.
सुनीता उसके बाद अपनी गांड को मटकाते हुए अपने कमरे में चली जाती है और अपने कमरे में जाकर अटैच्ड बाथरूम में जाकर अपना हाथ मुह धोकर बाहर आती है और फिर जीन्स और शोर्ट टी-शर्ट अलमारी से बाहर  निकाल कर बेड पर रखती है और उसके बाद अलमारी से अपना मेकअप किट निकालती है!
और शीशे के सामने सोफे पर बैठकर अपनी टाँगे फैला कर मेकअप किट से पिंक कलर की फ्रूट लिपस्टिक निकाल कर अपने चूत के होठो को फैलाती है!

चूत की सजावट लिपस्टिक से - (Chut ka lipstic se make-up)


सुनीता अपनी सुन्दर से शेप में कटी हुई झांटो के नीचे से झांकती हुई गोरी सी चूत को फैलाकर उससे बाते करती हुई कहती है! "हाय री मेरी चूत तुझमे तो हमेशा आग लगी रहती है तेरी खुजली कभी मिटी भी है!" तू कितनी खूबसूरत है दिल तो करता है के अपने होठो की गरमा गरम पप्पी तेरे ऊपर जड़ दू और तुझे चूस कर तेरा सारा पानी पी जाऊ! पर क्या करू मेरे होठ तुझ तक पहुचते ही नहीं! लेकिन तू फिकर मत कर मै तेरा ऐसा श्रृंगार करुँगी के तू दुनिया की सबसे खूबसूरत चूत दिखेगी और आज शाम को रोज की तरह तुझे अपने बाप का लंड खिलाऊँगी और मै अपनी माँ की चूत का रस खूब पेट भर कर पियूंगी मुझे पता है के तुझे मोटा तगरा लंड बहूत पसंद है!

इतना सब कहते हुए सुनीता धीरे धीरे अश्लील कामुक हसी हस्ती है और लिपस्टिक अपनी चूत के होठो पर लगाती है उसके बाद अपने नाभि की रिंग बदल कर एक नयी सुन्दर सी चमकने वाली रिंग पहनती है!
सुनीता उसके बाद एक बेहद छोटी से गुलाबी रंग की lingerie (ये एक बहुत ही पतले कपडे की अंडरवियर होती है जो बड़ी मुस्किल से चूत को ढक पाती है )  पहनती है उसके बाद स्किन टाइट ब्रा पहनकर एक वाइट कलर की शोर्ट टी-शर्ट पहनती है और नीचे एक जीन्स पहनती है जो स्किन से एकदम चिपकी होती है जो और पीछे से पूरी तरह सुनीता के गांड की दरार में घुस जाती है! घर से जब वो बहार निकलती है तो पीछे से उसकी गांड को देखकर न जाने कितने ही लडको का लंड अपने आप पेंट में ही झटके मारकर पिचकारी छोड़ देता है!

इधर अखिल अपनी पत्नी सीमा से नाश्ते की टेबल पर कुछ बातें कर रहा होता है!

अखिल- सीमा मै सोच रहा हूँ की हमारी बेटी की उम्र शादी की हो गई है लेकिन सोचता हूँ के अगर वो शादी करके चली गई तो मै अपनी बेटी को कैसे चोद पाउँगा मै उसकी प्यारी सी चूत को जब तक जी भर कर चोद न लू मुझे तो चैन ही नहीं पड़ता!
सीमा- आप सही कह रहे है वो जब मेरी चूत को चाट की तरह चाटती और चुस्ती है तो मुझे स्वर्ग सा आनंद आता है जब तक वो मेरी चूत का रस खाली नहीं करती मुझे भी चैन नहीं आता लेकिन उसकी भी तो जिंदगी है आखिर हम दोनों बुढ़ापे की तरफ बढ़ चले है फिर उसका क्या होगा! कौन उसकी देखभाल करेगा और उसकी चूत की आग बुझाएगा!

इधर न जाने कब से सुनीता उनकी बाते सुन रही थी और अपनी माँ को देखकर मुस्कुराते हुए कहती है!-

सुनीता- अरे माँ तू चिंता क्यों करती है! मै शादी करके कही नहीं जाने वाली यही रहूंगी तुम दोनों के पास हमेशा! हम तीनो एक दुसरे के लंड, चूत, गांड और चुच्चों से चुदाई के मजे लेते रहेंगे पिताजी से अपनी चूत और गांड की प्यास बुझाये बिना तो मै भी नहीं रह सकती और माँ तुम्हारी चूत का रस तो इतना नशीला है के क्या बताऊ !
सीमा- अरे बेटी वो सब तो ठीक है लेकिन हम दोनों के बाद तेरा क्या होगा कौन तेरी गांड को चाट चाट कर चोदेगा और तेरी प्यारी चूत की भी तो कुछ सोच!
सुनीता- माँ मेरे पास एक आईडिया है माँ मै भी बहुत दिन से सोच रही थी इस बारे में, अब जब बात हो ही रही है तो सोचती हूँ के कह ही देती हूँ!
सीमा- अच्छा सच में बता तेरे पास ऐसा क्या आईडिया है!
सुनीता- माँ मै सोच रही थी के अगर तुम दोनों को आपत्ति न हो तो क्यों न पिताजी ही मुझे चोद कर गर्भवती बना देते इससे मै अपने ही बाप से चुदकर एक बच्चे की माँ भी बन जाउंगी और हमेशा तुम दोनों के साथ भी रहूंगी और कितना मजा आयेगा इस सब में! बल्कि मैंने तो सोचा है के अगर लड़का हुआ तो वो तुम्हारी और मेरी चूत चोदकर जब भोसड़ा बनाएगा तो एक नया मजा और अनुभव हमें दे सकता है और अगर लड़की हुई तो सोचो पिताजी के लंड को एक और बेटी मिल जाएगी चोदने के लिए, रही बात तुम दोनों के ना रहने पर तो मै अपनी चूत और गांड की प्यास अपने बच्चे से ही बुझा लिया करुँगी!
अखिल- वाह क्या नायाब आईडिया दिया है तूने मेरी बच्ची मेरा लंड तो ये सब सुनकर ही साँप की तरह फुफकारने लगा है मन तो कर रहा है के तुझे अभी यही टेबल पर कुतिया बना दू और चोद कर अपना लंड रस तेरे गर्भ में गहरे तक छोड़ कर दू! जिससे मेरी बेटी अभी मेरे बच्चे की माँ बन जाए! तुम क्या कहती हो सीमा?
सीमा अपनी बेटी को अपने गोद में बैठाते हुए कहती है!
सीमा- हाय मेरी बेटी तूने तो मेरी सारी परेशानी को हल कर दिया मै तो सोच रही हूँ के कैसा होगा मेरे नाती या बेटे का लंड कितना अनोखा मजा देगा जब वो मेरी चूत और गांड फारेगा हाय मेरी चूत तो पागल हुई जा रही है देख कितना रस चूने लगा है तू जल्दी से इसे चूस कर खाली कर दे फिर कही जइयो अब! और आज शाम को ही अपने बाप के फुफकारते हुए लंड से अपने चूत चुदा कर गर्भवती हो जा जिससे मेरी चूत को चोदने वाला या चूसने वाली हमारे रोज के खेल में वो भी आ जाए!

कहानी जारी है अगली पोस्ट में पढ़े---

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